विदेशी मुद्रा व्यापार समाचार

बाजार साधन

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लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 23 Nov 2022 11:36 PM IST

इनमें से कौन सा विकल्प मुद्रा बाजार साधन नहीं है?

SSC CPO Tentative Answer Key for the SSC CPO Exam held from 9th to 11th November 2022 has been released. Candidates can raise objections against the answer key from 16th to 20th November 2022 against a fee of INR. 100 per question. SSC CPO Admit Card Link for CR, NER, MPR Region & Application Status for CR, WR, NR, NER, ER, MPR, KKR, SR Regions active! The Staff Selection Commission had released the exam date for Paper I of the SSC CPO 2022. As per the notice, Paper I of the SSC CPO is scheduled to be held from 9th November to 11th November 2022. The candidates can check out the SSC CPO Exam Analysis to check the difficulty level and good attempts for each shift exam.

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Q. Consider the following statements with reference to the capital market in India:

Gonda News: बिना खाद के अटकी दो लाख हेक्टेयर की बुआई

Lucknow Bureau

लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 23 Nov 2022 11:36 PM IST

गोंडा में इटियाथोक के किसान सेवा सहकारी समिति जानकीनगर में बिना खाद वापस जाते किसान। -संवाद

गोंडा में इटियाथोक के किसान सेवा सहकारी समिति जानकीनगर में बिना खाद वापस जाते किसान। -संवाद - फोटो : GONDA

गोंडा। रबी की फसलों की बुआई के लिए किसानों ने खेत तैयार कर लिए हैं, लेकिन खाद की किल्लत से बुआई पिछड़ती जा रही है। सहकारी समितियों पर ताला लटक गया, निजी दुकानों से भी अब डीएपी गायब होने लगी। जिन दुकानों पर कुछ स्टाक बचा है, वहां खाद महंगे दामों में बेची जा रही। जिससे अन्नदाताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
जिले में पांच लाख किसान तकरीबन चार लाख हेक्टेयर में खेती करते हैं, जिनमें करीब दो लाख हेक्टेयर में रबी की फसलें, गेहूं, गन्ना, सरसों, मटर, चना, लाही, जौ की बुुआई की जा जाती है। धान की कटाई कर शरद कालीन फसलों की बुआई के लिए खेत तैयार करने के बाद किसान खाद के लिए भटक रहे हैं। बाजार में निजी दुुकानदार 1350 रुपये बोरी बिकने वाली डीएपी को 1500 रुपये बाजार साधन बोरी तक बेच रहे हैं। वहीं 266 रुपये में बिकने वाली यूरिया 500 रुपये बोरी तक बिक रही है।
बाजार में दोगुने भाव में मिल रही खाद
क्षेत्र के साधन सहकारी समिति करनैलगंज, बरगदी कोट, चचरी व चकरौत पर डीएपी उपलब्ध नहीं है। क्षेत्र के करीब 20 हजार किसानों को भटकना पड़ रहा है। कटरा बाजार के साधन सहकारी समिति वीरपुर व समदरियनपुरवा में डीएपी नदारद है।
किसान रामचंदर ने बताया कि सरसों, गेहूं, मसूर की बुआई करने के लिए एक बीघे में करीब 20 किलो यूरिया की जरूरत पड़ती है। समितियों पर खाद न होने के कारण 200 रुपये बोरी महंगी खाद खरीदना पड़ रहा। मोतीगंज क्षेत्र में सहकारी समितियों व निजी दुकानों पर भी डीएपी नहीं मिल रही। बाजार साधन पीसीएफ गोदाम प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि दो दिनों में खाद आ जाएगी।
मनकापुर के साधन सहकारी समिति भिटौरा में बुधवार को ताला लटक रहा था। सचिव कमलेश मौर्य ने बताया कि एक-दो दिन में डीएपी मिलने लगेगी। इटियाथोक के साधन सहकारी समिति देवतहा में कई दिनों से डीएपी नहीं है। किसान रामनारायन यादव ने बताया कि गेहूं, सरसो व आलू की बुआई पिछड़ रही है। गोदाम प्रभारी मदन मोहन तिवारी ने बताया कि दो दिनों में खाद आ जाएगी।
पिछड़ गई बुआई तो होगा नुकसान
मनकापुर की किसान सरिता पांडेय ने बताया कि मौसम की मार से धान की फसल बर्बाद हो गई थी, अब खाद न मिलने के कारण गेंहू की बुआई भी पिछड़ जाएगी तो पैदावार में काफी कमी आ जाएगी।
किसान मो. शरीफ ने बताया कि आलू व गेहूं की बुआई की जानी है, लेकिन खाद न मिलने के कारण निजी दुकानों पर महंगे दामों में खरीदना पड़ रहा है।
किसान संतराम ने बताया कि खाद की किल्लत से रबी की बुआई पिछड़ रही है।
किसान रोहित कुमार ने बताया कि जो भी दुकानदार डाई का स्टाक रखे हुए हैं, वह खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं।
रैक आने के बाद किल्लत होगी दूर
जिले में खाद की उपलब्धता का प्रयास किया जा रहा है, गुरुवार सुबह तक करीब 2732 एमटी खाद की रैक आ जाएगी। जिससे जिले में खाद की किल्लत पूरी तरह खत्म हो जाएगी। अभी भी अधिकांश दुकानों व गोदामों बाजार साधन पर खाद मिल रही है।
जगदीश यादव, जिला कृषि अधिकारी

गोंडा। रबी की फसलों की बुआई के लिए किसानों ने खेत तैयार कर लिए हैं, लेकिन खाद की किल्लत से बुआई पिछड़ती जा रही है। सहकारी समितियों पर ताला लटक गया, निजी दुकानों से भी अब डीएपी गायब होने लगी। जिन दुकानों पर कुछ स्टाक बचा है, वहां खाद महंगे दामों में बेची जा रही। जिससे अन्नदाताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं।


जिले में पांच लाख किसान तकरीबन चार लाख हेक्टेयर में खेती करते हैं, जिनमें करीब दो लाख हेक्टेयर में रबी की फसलें, गेहूं, गन्ना, सरसों, मटर, चना, लाही, जौ की बुुआई की जा जाती है। धान की कटाई कर शरद कालीन फसलों की बुआई के लिए खेत तैयार करने के बाद किसान खाद के लिए भटक रहे हैं। बाजार में निजी दुुकानदार 1350 रुपये बोरी बिकने वाली डीएपी को 1500 रुपये बोरी तक बेच रहे हैं। वहीं 266 रुपये में बिकने वाली यूरिया 500 रुपये बोरी तक बिक रही है।


बाजार में दोगुने भाव में मिल रही खाद
क्षेत्र के साधन सहकारी समिति करनैलगंज, बरगदी कोट, चचरी व चकरौत पर डीएपी उपलब्ध नहीं है। क्षेत्र के करीब 20 हजार किसानों को भटकना पड़ रहा है। कटरा बाजार के साधन सहकारी समिति वीरपुर व समदरियनपुरवा में डीएपी नदारद है।
किसान रामचंदर ने बताया कि सरसों, गेहूं, मसूर की बुआई करने के लिए एक बीघे में करीब 20 किलो यूरिया की जरूरत पड़ती है। समितियों पर खाद न होने के कारण 200 रुपये बोरी महंगी खाद खरीदना पड़ रहा। मोतीगंज क्षेत्र में सहकारी समितियों व निजी दुकानों पर भी डीएपी नहीं मिल रही। पीसीएफ गोदाम प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि दो दिनों में बाजार साधन खाद आ जाएगी।

मनकापुर के साधन सहकारी समिति भिटौरा में बुधवार को ताला लटक रहा था। सचिव कमलेश मौर्य ने बताया कि एक-दो दिन में डीएपी मिलने लगेगी। इटियाथोक के साधन सहकारी समिति देवतहा में कई दिनों से डीएपी नहीं है। किसान रामनारायन यादव ने बताया कि गेहूं, सरसो व आलू की बुआई पिछड़ रही है। गोदाम प्रभारी मदन मोहन तिवारी ने बताया कि दो दिनों में खाद आ जाएगी।
पिछड़ गई बुआई तो होगा नुकसान
मनकापुर की किसान सरिता पांडेय ने बताया कि मौसम की मार से धान की फसल बर्बाद हो गई थी, अब खाद न मिलने के कारण गेंहू की बुआई भी पिछड़ जाएगी तो पैदावार में काफी कमी आ जाएगी।

किसान मो. शरीफ ने बताया कि आलू व गेहूं की बुआई की जानी है, लेकिन खाद न मिलने के कारण निजी दुकानों पर महंगे दामों में खरीदना पड़ रहा है।
किसान संतराम ने बताया कि खाद की किल्लत से रबी की बुआई पिछड़ रही है।
किसान रोहित कुमार ने बताया कि जो भी दुकानदार डाई का स्टाक रखे हुए हैं, वह खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं।
रैक आने के बाद किल्लत होगी दूर
जिले में खाद की उपलब्धता का प्रयास किया जा रहा है, गुरुवार सुबह तक करीब 2732 एमटी खाद की रैक आ जाएगी। जिससे जिले में खाद की किल्लत पूरी तरह खत्म हो जाएगी। अभी भी अधिकांश दुकानों व गोदामों पर खाद मिल रही है।
जगदीश यादव, जिला कृषि अधिकारी

विदेशी मुद्रा बाजार के साधन

विश्व मुद्राओं की सभी विविधताओं के साथ-साथ मौजूदा मुद्राओं के विभिन्न व्युत्पन्न साधनों बाजार साधन को आज भी वर्तमान में जिम्मेदार ठहराया जा सकता है उपकरणों की विदेशी मुद्रा बाजार । विदेशी मुद्रा बाजार के मुख्य व्यापारिक साधनों में विभिन्न देशों की मुद्राएं हैं । मुद्रा दरों, कि अमेरिकी डॉलर (या अंय मुद्राओं के लिए उनके संबंध कहना है) की आपूर्ति और बाजार की मांग और भी विभिंन मूलभूत कारकों द्वारा गठित कर रहे हैं । एक नियम के रूप में, सबसे अधिक तरल और स्वतंत्र रूप से परिवर्तित मुद्राओं विदेशी मुद्रा बाजार पर व्यापार में शामिल हैं ।

विदेशी मुद्रा बाजार के साधनों को निम्नलिखित दो श्रेणियों में बाँटा जा सकता है:

मुद्रा अनुबंध

Spot -मुद्राओं के आदान-प्रदान समझौते की तारीख के बाद दूसरे दिन के काम से बाद में नहीं । इन तरह के लेन-देन को नकद भी कहा जाता है । स्पॉट की शर्तों के आधार पर लेनदेन मुद्रा विनिमय दरों की स्थापना के आधार पर ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) अंतरबैंक बाजार पर किया जाता है ( quotes ). बैंकों, बचाव कोष, वित्तीय कंपनियों और विदेशी मुद्रा बाजार के अंय प्रतिभागियों के सट्टा मुद्रा लेनदेन स्थान की स्थिति पर बना रहे हैं । विदेशी मुद्रा बाजार के कुल कारोबार का ६५% तक स्थान शर्तों पर मुद्राओं के वितरण के साथ व्यापार पर पड़ता है ।

एकमुश्त फारवर्ड -मुद्राओं के आदान-प्रदान की दर से "फॉरवर्ड" दिनों की एक सीमा के भीतर लेन-देन के पक्षों द्वारा सख्ती बाजार साधन बाजार साधन से स्थापित. इस तरह के लेनदेन मुद्रा दरों के स्थिर विनिमय के मामले में लाभकारी हैं ।

करेंसी स्वैप -एक साथ खरीद और विभिन्न मूल्य तिथियों के साथ मुद्राओं की बिक्री ।
एकमुश्त आगे और मुद्रा स्वैप फार्म आगे विनिमय बाजार, जहां मुद्राओं के आदान प्रदान भविष्य में जगह लेता है ।

Derivatives

– अंतर्निहित आस्ति (मुख्य उत्पाद) से व्युत्पंन वित्तीय साधन । कोई भी उत्पाद या सेवा अंतर्निहित परिसंपत्ति हो सकती है ।

सिंथेटिक करार विदेशी मुद्रा के लिए (सुरक्षित) -ये ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) बाजार के डेरिवेटिव हैं, जो मुद्रा वायदा लेनदेन के मामले में भावी दर (एफआरए) पर एक समझौते के रूप में कार्य करते हैं । दूसरे शब्दों में, यह समय की एक विशिष्ट अवधि के लिए बाजार साधन विनिमय दर की गारंटी है, जो भविष्य में शुरू होता है ।

मुद्रा वायदा – ये लेन-देन पूर्व निर्धारित दर पर भविष्य में एक विशिष्ट तिथि पर मुद्राओं की विनिमय प्रदान करते हैं ।

इंटरेस्ट रेट स्वैपिंग – एक मुद्रा के लिए दायित्वों के आदान-प्रदान पर दो पक्षों के बीच एक समझौता दूसरे के दायित्वों के लिए, जिसमें वे विभिन्न मुद्राओं में ऋणों पर प्रत्येक अन्य ब्याज दरों का भुगतान करते हैं । दायित्वों की प्राप्ति के मामले में मुद्राओं का मूल रूप से आदान-प्रदान किया जा रहा है.

मुद्रा विकल्प -एक खरीदार और एक विक्रेता के बीच एक समझौते, एक खरीदार अधिकार देने, लेकिन समय की एक विशिष्ट अवधि के भीतर एक पूर्व निर्धारित मूल्य पर मुद्राओं की एक निश्चित राशि खरीदने के दायित्व नहीं है, की बाजार मूल्य की परवाह किए बिना मुद्रा.

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